वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के केंद्रीय कार्यालय (सेंट्रल ऑफिस) पर गुरुवार को दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल ...
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के केंद्रीय कार्यालय (सेंट्रल ऑफिस) पर गुरुवार को दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल आवंटन में हो रही धांधली और नियमों की अनदेखी के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को कार्यालय में प्रवेश करने से पहले ही मुख्य द्वार पर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोक दिया गया, जिससे मौके पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।
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| Purvancahl Samachar |
हंगामे की सूचना मिलते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।
"2014 की नियमावली हो लागू, 40% से अधिक दिव्यांगता पर अनिवार्य हो हॉस्टल"
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थी छात्रावास आवंटन नियमावली 2014 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
नियमों के अनुसार, 40 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तथा 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले अन्य छात्र-छात्राओं को छात्रावास का अनिवार्य आवंटन किया जाना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि नियमों के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार पत्राचार करने पर भी कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है।
